116 Years
Conditional

Shodashottari Dasha Calculator

A 116-year conditional nakshatra dasha of eight grahas, without Ketu.

अपना जन्म विवरण दर्ज करें

Used to find your Moon's position, which is where the Shodashottari Dasha ladder is measured from.

As exact as you can manage — the dasha balance depends on it.

Auto-detected from location. Edit if needed — accurate timezone is critical for correct calculations.

गणना सेटिंग

वैदिक ज्योतिष मार्गदर्शिका

Shodashottari Dasha Calculator के बारे में

Shodashottari Dasha Calculator एक केंद्रित वैदिक ज्योतिष उपकरण है, जो एक सौ सोलह वर्ष की षोडशोत्तरी नक्षत्र दशा और होरा तथा पक्ष की शर्त कुंडली में लागू है या नहीं का अध्ययन करता है। यह जन्म, तिथि, स्थान या दोनों व्यक्तियों की आवश्यक जानकारी को व्यवस्थित गणना में बदलता है, ताकि परिणाम को स्पष्ट रूप से समझा जा सके।

यह कैलकुलेटर ज्योतिष की निरयन पद्धति का पालन करता है। जहाँ जन्म कुंडली आवश्यक हो, वहाँ पहले लग्न और ग्रहों के देशांतर निकाले जाते हैं, फिर Shodashottari Dasha Calculator के विशिष्ट नियम लागू होते हैं। हर वर्ग कुंडली या समय-पद्धति अलग प्रकार के प्रश्न का उत्तर देती है।

परिणाम का उपयोग प्रमुख संकेत पहचानने, कारकों की तुलना करने और व्याख्या के लिए सही प्रश्न बनाने में करें। किसी एक ग्रह, योग या अंक को अकेले निर्णायक न मानें; राशि बल, भाव, भावेश, दृष्टि, दशा और सहायक वर्ग कुंडलियाँ फल बदल सकती हैं।

Shodashottari Dasha Calculator का उपयोग कैसे करें

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    सही विवरण दर्ज करें

    माँगी गई तिथि, सटीक समय, स्थान और प्रोफ़ाइल विवरण भरें। गणना से पहले समय-क्षेत्र और स्थान निर्देशांक जाँचें, क्योंकि छोटी त्रुटि भी समय-संवेदी फल बदल सकती है।

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    गणना की जाँच करें

    दिखाई गई कुंडली, अवधि, गुण या मुहूर्त को ध्यान से देखें। चार्ट के साथ ग्रह-अंश, तालिका और लागू कारक भी पढ़ें।

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    पूरे स्वरूप की व्याख्या करें

    बार-बार दिखाई देने वाले मजबूत संकेतों से शुरू करें, फिर अपवाद और सहायक प्रमाण देखें। घटना-विशेष प्रश्न में D1, संबंधित दशा और गोचर से तुलना करें।

यह गणना क्या बताती है

इसका मुख्य विश्लेषण एक सौ सोलह वर्ष की षोडशोत्तरी नक्षत्र दशा और होरा तथा पक्ष की शर्त कुंडली में लागू है या नहीं पर केंद्रित है। परिणाम को प्रवृत्तियों और समय-स्थितियों का मानचित्र समझें, निश्चित वादा नहीं। अलग-अलग स्वतंत्र कारकों में दोहराए गए संकेत एक अकेले योग से अधिक महत्व रखते हैं।

सटीकता और व्याख्या

जन्म समय का सबसे विश्वसनीय प्रमाण लें और स्थान व समय-क्षेत्र सत्यापित करें। वर्ग कुंडली और भाव-संधियाँ जल्दी बदल सकती हैं; मुहूर्त और पंचांग चयनित स्थान व स्थानीय तिथि पर निर्भर हैं। अयनांश या भाव-पद्धति बदलने पर छोटे अंतर संभव हैं।

ज्योतिष एक व्याख्यात्मक परंपरा है। इन परिणामों का उपयोग चिंतन और योजना के लिए करें; इन्हें चिकित्सा, कानूनी, आर्थिक या अन्य विशेषज्ञ सलाह का विकल्प न मानें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

षोडशोत्तरी दशा कब लागू होती है?

जब लग्न सूर्य के होरा में हो और जन्म शुक्ल पक्ष में हुआ हो, अथवा लग्न चंद्रमा के होरा में हो और जन्म कृष्ण पक्ष में हुआ हो। कैलकुलेटर आपका होरा और पक्ष निकालकर बताता है कि यह जोड़ी बनती है या नहीं।

इस पद्धति में राहु क्यों नहीं है?

बृहत् पराशर होरा शास्त्र स्पष्ट कहता है कि इस पद्धति में राहु की दशा नहीं होती। इसके आठ स्वामी हैं सूर्य, मंगल, गुरु, शनि, केतु, चंद्र, बुध और शुक्र, जिनकी दशाएँ 11 से 18 वर्ष की हैं और कुल 116 वर्ष होते हैं।

यहाँ होरा से क्या तात्पर्य है?

राशि के आधे भाग का विभाग, अर्थात् D-2। विषम राशि में पहले 15 अंश सूर्य के और बाद के 15 अंश चंद्रमा के होते हैं; सम राशि में यह क्रम उलट जाता है।

Compare this result with these related calculations for a more complete Vedic astrology interpretation.